Written by: Prashant Pathak
Edited by: Ram Pandey
Published on: 08 December 2025
उत्तर प्रदेश सरकार ने Outsourcing कर्मचारियों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। लंबे समय से चल रही शिकायतों और अनियमितताओं को देखते हुए योगी मंत्रिमंडल ने एक नया Outsourcing Service Nigam बनाने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद से राज्य में Outsourcing के ज़रिए होने वाली सारी भर्तियाँ अब एक ही सिस्टम से होंगी, और कर्मचारियों को ज़्यादा सुरक्षा, बेहतर वेतन और स्थिरता मिलेगी।
सरकार के इस फैसले का सीधा फायदा उन लाखों युवाओं को मिलेगा जो प्राइवेट एजेंसियों के भरोसे कम वेतन और अस्थिर नौकरी पर काम कर रहे थे। अब पूरी प्रक्रिया सरकारी निगरानी में होगी।
नए नियम क्या कहते हैं?
नए प्रावधानों के अनुसार, Outsourcing कर्मचारियों की भर्ती अब न्यूनतम तीन साल की अवधि के लिए होगी। यानी पहले की तरह बार-बार ठेके बदलने, नाम काटने या मनमानी तरीके से हटाने की समस्या काफी कम होगी।
सबसे बड़ी बात — किसी भी Outsourcing कर्मचारी का वेतन 20,000 रुपये से कम नहीं होगा।
पहले कई विभागों में ये वेतन 7,000–12,000 रुपये तक ही मिलता था, जिससे कर्मचारियों को काफी दिक्कत होती थी।
सरकार ने साफ किया है कि अब किसी भी एजेंसी को मनमाने तरीके से Salary कम करने या किसी को बिना कारण हटाने का अधिकार नहीं होगा। सब कुछ नए निगम के ज़रिए तय किया जाएगा।
Outsourcing Service Nigam क्यों बनाया गया?
पिछले कुछ सालों में Outsourcing कर्मचारियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं —
कहीं वेतन समय पर नहीं आता था,
कहीं कटौती की जाती थी,
कहीं कार्यकाल बिना कारण खत्म कर दिया जाता था।
नया निगम इन सभी समस्याओं को खत्म करने के उद्देश्य से बनाया गया है। यह निगम भर्ती करेगा, वेतन देगा और कर्मचारियों के अधिकारों की निगरानी भी करेगा।
सरकार का कहना है कि इससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार कम होगा।
आरक्षण लागू होगा – बड़ी राहत
Outsourcing भर्तियों में अब आरक्षण भी लागू होगा।
SC, ST, OBC और EWS वर्ग के युवाओं को भी अब Outsourcing भर्तियों में उसी तरह अवसर मिलेगा जैसे नियमित भर्तियों में मिलता है।
पहले Outsourcing भर्तियों में आरक्षण का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था।
अब नया निगम नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया फॉलो करेगा।
वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन बढ़ाकर 5000 रुपये करने का फैसला
मंत्रिमंडल की बैठक में एक और बड़ा निर्णय लिया गया।
राज्य में वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह करने की मंजूरी दी गई है।
इससे लाखों बुजुर्गों को आर्थिक मदद मिलेगी।
सरकार का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए पेंशन बढ़ाना ज़रूरी था।
UP में बनेगी नई TV, Mobile और Electronics की कंपनियाँ
बैठक में एक प्रस्ताव और भी पास हुआ है —
उत्तर प्रदेश में TV, Mobile और Electronics Manufacturing के लिए नए प्लांट लगाए जाएंगे।
इससे लगभग 50,000 करोड़ का निवेश आने की उम्मीद है।
यानी आने वाले दिनों में यूपी टेक्नॉलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स का बड़ा हब बनने की ओर कदम बढ़ा चुका है।
सरकार का दावा है कि इससे हजारों नए रोजगार भी पैदा होंगे।
नए सिस्टम से क्या बदल जाएगा?
अगर इसे आसान भाषा में समझें, तो Outsourcing कर्मचारियों के जीवन में ये बदलाव सीधे-सीधे असर डालेंगे:
• Salary अब कम नहीं होगी – 20,000 रुपये न्यूनतम तय
• नौकरी स्थिर रहेगी – तीन साल की गारंटी
• आरक्षण मिलेगा – अब सबको बराबर का मौका
• भ्रष्टाचार कम होगा – सब कुछ एक ही निगम के ज़रिए
• वेतन समय पर मिलेगा – सरकारी निगरानी के साथ
• किसी को मनमाने तरीके से नहीं हटाया जाएगा
जो लोग लंबे समय से अस्थिर नौकरी में थे, उनके लिए ये फैसला सच में राहत लेकर आया है।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
कई विभागों में काम कर रहे Outsourcing कर्मचारियों का कहना है कि यह फैसला उनके लिए उम्मीद की तरह है। एक सफाई कर्मचारी ने कहा कि पहले महीने का वेतन भी समय पर नहीं मिलता था, और कभी-कभी बीच में ही नाम काट दिया जाता था। लेकिन अब तीन साल की सुरक्षा उन्हें मानसिक राहत देगी।
इसी तरह एक कंप्यूटर ऑपरेटर ने बताया कि 10–12 हजार की salary में घर चलाना मुश्किल था। अब 20,000 की सीमा तय होने से हालात बेहतर होंगे।
सरकार क्या कहती है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि Outsourcing कर्मचारियों की समस्याएँ कई वर्षों से लंबित थीं।
नया निगम उनकी सेवा शर्तों को मजबूत करेगा और युवाओं को अधिक अवसर देगा।
सरकार का यह कदम चुनावी साल में भी बड़ा असर डाल सकता है, क्योंकि Outsourcing कर्मचारी प्रदेश में बड़ी संख्या में हैं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, यूपी सरकार का यह फैसला Outsourcing कर्मचारियों के लिए एक बड़ा बदलाव है।
नौकरी की सुरक्षा, बेहतर वेतन, और पारदर्शी सिस्टम — ये तीन बातें ही लोगों को सबसे ज़्यादा उम्मीद देती हैं।
अब देखना यह है कि नया निगम जमीन पर कितनी तेजी से काम शुरू करता है, और कर्मचारियों को इसका वास्तविक लाभ कितने समय में मिलता है।