नए साल के मौके पर अगर आप भी अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। रामनगरी में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था में खास इंतजाम किए गए हैं। पास की स्थिति, दर्शन का समय और प्रशासन की तैयारियों को लेकर जो नई जानकारी सामने आई है, वह हर श्रद्धालु को जानना जरूरी है। अयोध्या पहुंचने से पहले इस खबर को पूरा पढ़ना आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।
अयोध्या में इन दिनों आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है, जिसे संभालना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। नए साल के मौके पर रामनगरी श्रद्धालुओं से पूरी तरह भर चुकी है। हालात यह हैं कि दर्शन के लिए जारी होने वाले सभी पास पहले ही खत्म हो गए हैं, फिर भी प्रशासन और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कोशिश है कि हर भक्त को बिना ज्यादा परेशानी के रामलला के दर्शन मिल सकें। मौजूदा व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को औसतन आधे घंटे के भीतर दर्शन कराए जा रहे हैं, ताकि भीड़ नियंत्रित रहे और व्यवस्था बनी रहे।
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जानकारी के मुताबिक, नए साल से करीब दस दिन पहले ही अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ने लगी थी। आम दिनों में जहां रोज 30 से 35 हजार लोग राम मंदिर पहुंचते थे, वहीं अब यह आंकड़ा रोजाना एक लाख के करीब पहुंच गया है। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को लेकर प्रशासन का अनुमान है कि करीब दो लाख श्रद्धालु रामनगरी में मौजूद रहेंगे। इसी भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन, ट्रस्ट और स्थानीय निकाय पहले से ही पूरी तैयारी में जुटे हुए हैं।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि नए साल के अवसर पर दर्शन और आरती की व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। दर्शन उसी सुव्यवस्थित प्रक्रिया के तहत कराए जा रहे हैं, जो पहले से लागू है। उन्होंने बताया कि रोजाना दो घंटे के एक स्लॉट में करीब 400 पास जारी किए जाते हैं, लेकिन जनवरी की शुरुआत तक सभी स्लॉट पूरी तरह भर चुके हैं। यानी फिलहाल पास के जरिए दर्शन संभव नहीं है। इसके बावजूद सामान्य कतार में खड़े श्रद्धालुओं को भी कोशिश की जा रही है कि ज्यादा देर इंतजार न करना पड़े।
भीड़ के साथ-साथ सर्दी को देखते हुए सुविधाओं पर भी खास ध्यान दिया गया है। अयोध्या के प्रमुख मार्गों, दर्शन पथ और प्रतीक्षालयों में जगह-जगह गैस हीटर लगाए गए हैं। सुबह और देर रात ठंड ज्यादा होने की वजह से यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए काफी राहत देने वाली साबित हो रही है। प्रशासन का कहना है कि बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
ठहरने की व्यवस्था भी इस समय पूरी तरह फुल है। अयोध्या के करीब 150 बड़े होटल 3 जनवरी तक एडवांस में बुक हो चुके हैं। इसके अलावा लगभग 80 प्रतिशत धर्मशालाएं भी भर चुकी हैं। जगह न मिलने के कारण कई श्रद्धालु फैजाबाद, बाराबंकी और आसपास के इलाकों में रुककर अयोध्या आ-जा रहे हैं। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और कई अस्थायी पार्किंग स्थल भी बनाए गए हैं।
दर्शन व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया काफी हद तक सकारात्मक देखने को मिल रही है। लंबी कतारों के बावजूद व्यवस्था अनुशासित नजर आ रही है। पुलिसकर्मी और स्वयंसेवक लगातार लोगों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं। श्रद्धालुओं को बताया जा रहा है कि किस रास्ते से आगे बढ़ना है, कहां रुकना है और दर्शन में कितना समय लगेगा। इससे भीड़ में अफरा-तफरी की स्थिति नहीं बन रही है और लोग धैर्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
रामनगरी का माहौल इन दिनों पूरी तरह भक्तिमय है। चारों ओर जय श्रीराम के नारे, भजन-कीर्तन और दीपों की रोशनी से अयोध्या अलग ही रंग में नजर आ रही है। स्थानीय बाजारों में भी रौनक है। प्रसाद, फूल, दीपक और धार्मिक वस्तुओं की बिक्री में जबरदस्त इजाफा हुआ है। हालांकि प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी श्रद्धालु से मनमानी कीमत वसूलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे संयम बनाए रखें और तय नियमों का पालन करें। बिना पास के भी दर्शन जरूर होंगे, लेकिन इसके लिए लाइन में लगकर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। साथ ही, ठंड को देखते हुए गर्म कपड़े पहनकर आने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, नए साल के मौके पर अयोध्या एक बार फिर आस्था और व्यवस्था का उदाहरण पेश कर रही है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद जिस तरह से दर्शन व्यवस्था को संभाला जा रहा है, वह सराहनीय है। आने वाले दिनों में भी भक्तों की संख्या बढ़ने की संभावना है, लेकिन प्रशासन और ट्रस्ट का भरोसा है कि हर श्रद्धालु को रामलला के दर्शन जरूर होंगे, वह भी सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण माहौल में।






