नई दिल्ली: उत्तर भारत के कई राज्यों में एक बार फिर सर्दी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और बिहार समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक घना से बहुत घना कोहरा छाया रह सकता है। इसका सीधा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ने की आशंका है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में ठंडी हवाओं की रफ्तार कम होने और नमी बढ़ने के कारण कोहरे की स्थिति गंभीर हो रही है। खासतौर पर सुबह और देर रात के समय दृश्यता (Visibility) बेहद कम रहने की संभावना जताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर में हालात गंभीर
दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुबह के समय दृश्यता कई जगहों पर 50 से 100 मीटर तक सिमट सकती है। इससे राजधानी में ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो गई है और कई इलाकों में वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने भी यात्रियों को अलर्ट जारी किया है। कोहरे के कारण फ्लाइट्स के डिले और डायवर्जन की संभावना बनी हुई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लें।
यूपी और पंजाब में भी कोहरे की मार
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में भी घने कोहरे का असर साफ दिखाई दे रहा है। लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में सुबह-सुबह सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कई जगहों पर नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।
वहीं पंजाब और हरियाणा में भी कोहरे के चलते ठंड बढ़ गई है। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, चंडीगढ़ और अंबाला जैसे शहरों में दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। किसानों के लिए यह कोहरा जहां फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, वहीं आम लोगों के लिए यह परेशानी का कारण बन रहा है।
रेल और सड़क यातायात प्रभावित
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर देखने को मिल रहा है। उत्तर रेलवे के अनुसार, कई लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कुछ ट्रेनों को तो सुरक्षा कारणों से रोकना भी पड़ा है।
सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। एक्सप्रेसवे और हाईवे पर वाहन चालकों को फॉग लाइट, लो बीम हेडलाइट और कम स्पीड में वाहन चलाने की सलाह दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि बिना जरूरी काम के सुबह जल्दी सफर करने से बचें।
अगले कुछ दिनों तक राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल उत्तर भारत में कोहरे से राहत मिलने के आसार कम हैं। आने वाले 3 से 5 दिनों तक कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। कुछ इलाकों में शीतलहर (Cold Wave) की भी चेतावनी दी गई है, जिससे न्यूनतम तापमान और गिर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कमजोर पड़ने और हवाओं की गति कम होने से यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है असर
घना कोहरा और बढ़ता प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, अस्थमा, एलर्जी, सांस और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह की सैर और खुले में व्यायाम करने से फिलहाल बचने की सलाह दी गई है।
बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाने और घर के अंदर रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- सुबह और रात के समय यात्रा करने से बचें
- वाहन चलाते समय फॉग लाइट और इंडिकेटर का प्रयोग करें
- ट्रेनों और फ्लाइट्स की स्थिति पहले जांचें
- ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें
- बीमार और बुजुर्ग लोग विशेष सावधानी बरतें
निष्कर्ष
उत्तर भारत में घना कोहरा एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। जब तक मौसम साफ नहीं होता, तब तक लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में स्थिति के अनुसार नई चेतावनी जारी की जा सकती है।








