सोना हुआ सस्ता, खरीदारों के लिए बड़ी खुशखबरी
12 अगस्त 2025 को सोने के दाम में गिरावट से ग्राहकों को राहत मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स ₹71,850 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है, जो सोमवार के मुकाबले ₹250 कम है। चांदी का भाव भी ₹89,400 प्रति किलो पर आ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में आई नरमी का सीधा असर भारत में देखा जा रहा है। शादी या निवेश के लिए सोना खरीदने का मन बना रहे लोगों के लिए यह समय फायदेमंद साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी और गिरावट संभव है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर भारतीय कीमतों पर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना इस समय US$ 2,360 प्रति औंस और चांदी US$ 28.10 प्रति औंस पर है। डॉलर इंडेक्स की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण सोने पर दबाव है। निवेशक सुरक्षित निवेश से पूंजी निकालकर अन्य मार्केट में लगा रहे हैं। अमेरिका और यूरोप के आर्थिक आंकड़ों से ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम दिख रही है, जिससे डॉलर मजबूत बना हुआ है। भारत जैसे बड़े सोना आयातक देश में अंतरराष्ट्रीय रुझान का असर तुरंत दिखता है, और यही कारण है कि आज घरेलू बाजार में भी भाव नरम पड़े हैं।
आपके शहर में आज क्या है सोने का भाव
12 अगस्त 2025 को 24 कैरेट सोने का रेट दिल्ली में ₹72,200 प्रति 10 ग्राम, मुंबई में ₹72,050, कोलकाता में ₹72,100 और चेन्नई में ₹73,000 है। बेंगलुरु में ₹72,150, हैदराबाद में ₹72,100 और जयपुर में ₹72,250 प्रति 10 ग्राम भाव दर्ज किया गया है। चांदी का रेट देशभर में लगभग ₹89,400 प्रति किलो के आसपास है। ध्यान दें कि ये दरें टैक्स और मेकिंग चार्ज से पहले की हैं। अलग-अलग शहरों में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट और स्थानीय टैक्स के कारण रेट में अंतर होता है, लेकिन कुल मिलाकर आज सोना पिछले सप्ताह से सस्ता हुआ है।
सोने के दाम गिरने की वजहें
सोने की कीमत में गिरावट की मुख्य वजह डॉलर का मजबूत होना है। जब डॉलर महंगा होता है, तो अन्य करेंसी धारकों के लिए सोना महंगा पड़ जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है और दाम गिरते हैं। अमेरिकी और यूरोपीय सेंट्रल बैंकों के सख्त ब्याज दर रुख ने भी निवेशकों को इक्विटी मार्केट की ओर मोड़ा है। भू-राजनीतिक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता ने भी सोने की मांग को प्रभावित किया है। भारत में फिलहाल वैश्विक रुझानों का सीधा असर दिखाई दे रहा है और यही कीमतों में गिरावट की अहम वजह है।
