Starlink ने कहा — भारत की “कीमत” सिर्फ एक गड़बड़ी थी: वेबसाइट पर दिखा था डमी डेटा

नई दिल्ली — उपग्रह इंटरनेट कंपनी Starlink ने सोमवार (8 दिसंबर 2025) को स्पष्ट किया कि भारत में जिन कीमतों को हाल ही में उसकी वेबसाइट पर देखा गया, वे असली नहीं थीं। कंपनी का कहना है कि वह अभी भारत में सेवा लॉन्च नहीं कर चुकी है, और वेबसाइट पर जो डेटा दिखा वह सिर्फ “डमी टेस्ट डेटा” था, जो एक तकनीकी गड़बड़ी (config glitch) के कारण सार्वजनिक हो गया था।

एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक ने भारत में अपने लॉन्च को लेकर एक बार फिर सुर्खियां बटोरीं। सोमवार को भारतीय सोशल मीडिया और टेक समुदाय में हलचल तब मची, जब स्टारलिंक की भारत वेबसाइट पर कुछ देर के लिए इंटरनेट प्लान और हार्डवेयर की कीमतें दिखाई देने लगीं। ये कीमतें देखने के बाद कई लोगों ने समझा कि कंपनी ने आखिरकार भारत में अपनी आधिकारिक प्राइसिंग जारी कर दी है।

लेकिन कुछ ही घंटों बाद स्टारलिंक ने स्पष्ट किया कि यह सब एक टेक्निकल ग्लिच था और वेबसाइट पर दिखी सारी कीमतें सिर्फ डमी टेस्ट डेटा थीं। कंपनी के अनुसार, भारत में अभी तक किसी भी प्लान या हार्डवेयर की वास्तविक कीमत तय नहीं की गई है और न ही भारत में ऑर्डर खुले हैं।


ग्लिच कैसे हुआ?

स्टारलिंक की वेबसाइट पर कुछ समय के लिए एक “रेज़िडेंशियल प्लान” दिख रहा था जिसमें—

  • लगभग ₹8,600 प्रति माह की इंटरनेट सेवा
  • और करीब ₹34,000 का हार्डवेयर किट
    दिखाया गया था।

इन कीमतों के साथ “अनलिमिटेड डेटा”, “99.9% अपटाइम”, और “30-day ट्रायल” जैसी सुविधाएँ भी सूचीबद्ध थीं। यह देखकर कई भारतीय उपभोक्ताओं ने अनुमान लगा लिया कि स्टारलिंक जल्द ही भारत में अपनी सेवाएँ शुरू कर रहा है।

लेकिन थोड़ी ही देर बाद स्टारलिंक की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण आया। कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट ऑफ बिजनेस ऑपरेशंस, लॉरेन ड्रेयर ने बताया कि भारत की वेबसाइट अभी लाइव नहीं है और उस पर जो भी दिखाई दिया, वह सिर्फ आंतरिक परीक्षण के लिए रखा गया नमूना डेटा (dummy data) था, जो गलती से सार्वजनिक हो गया।

उन्होंने यह भी कहा कि ये कीमतें उस वास्तविक मूल्य को नहीं दर्शातीं जो भारत में लागू होंगी।


भारत में लॉन्च को लेकर स्थिति क्या है?

स्टारलिंक भारत में अपनी एंट्री को लेकर काफी समय से प्रयासरत है, लेकिन कंपनी को अभी भी कई महत्वपूर्ण सरकारी मंजूरियों का इंतजार है।

कंपनी को भारत में सेवाएं शुरू करने के लिए निम्न संस्थाओं से अनुमति प्राप्त करनी होगी:

  • IN-SPACe (Indian National Space Promotion and Authorization Centre)
  • DOT (Department of Telecommunications)

जब तक ये मंजूरियाँ नहीं मिलतीं, स्टारलिंक भारत में न तो बुकिंग शुरू कर सकता है और न ही आधिकारिक कीमतें जारी कर सकता है।

कंपनी के अनुसार, लॉन्च तभी होगा जब सभी नियामकीय बाधाएँ पार हो जाएँगी।


उपभोक्ताओं में उत्सुकता, लेकिन कीमतों को लेकर सवाल भी

भारत में इंटरनेट के सस्ते प्लान उपलब्ध होने के कारण स्टारलिंक की संभावित कीमतों को लेकर काफी चर्चा हुई। फाइबर और मोबाइल इंटरनेट जहां ₹700–₹1,500 महीने के बीच उपलब्ध हैं, वहीं वेबसाइट पर दिखी ‘ग्लिच वाली कीमतें’ काफी अधिक थीं।

अगर ये कीमतें वास्तविक होतीं, तो स्टारलिंक भारत में एक प्रीमियम और सीमित उपयोगकर्ता वर्ग को ही आकर्षित कर पाता।

हालाँकि कई विशेषज्ञों ने कहा है कि स्टारलिंक की सेवाएँ मुख्य रूप से दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों के लिए बनाई गई हैं, जहाँ फाइबर केबल बिछाना मुश्किल होता है या फिर नेटवर्क बिल्कुल मौजूद नहीं होता। ऐसे क्षेत्रों में स्टारलिंक जैसे उपग्रह-आधारित उच्च-गुणवत्ता इंटरनेट सेवा प्रदाता क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं।


स्टारलिंक का आगे का रोडमैप

ग्लिच के बाद स्टारलिंक ने साफ कर दिया है कि भारत की आधिकारिक वेबसाइट तभी लाइव होगी जब कंपनी को सरकार से सभी परमिशन मिल जाएँगी।

लॉरेन ड्रेयर ने यह भी कहा कि कंपनी की टीम भारत में सेवा शुरू करने के लिए निरंतर काम कर रही है, लेकिन किसी अनुमानित लॉन्च डेट या कीमत का अभी खुलासा नहीं किया जाएगा।

स्टारलिंक पहले भी भारत में प्री-बुकिंग लेने के कारण विवाद में फंस चुका है। 2021 में, कंपनी को बिना सरकारी अनुमति प्री-ऑर्डर लेने के लिए चेतावनी दी गई थी। उसके बाद से कंपनी अधिक सावधानी बरत रही है।


भारतीय उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?

फिलहाल, उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की अनौपचारिक जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

  • कोई प्राइसिंग जारी नहीं हुई है।
  • कोई ऑर्डर विंडो नहीं खुली है।
  • और वेबसाइट पर दिखी सारी जानकारी अमान्य मानी जानी चाहिए।

जैसे ही सरकार से अनुमति मिलेगी, कंपनी आधिकारिक घोषणा करेगी और वास्तविक प्लान व कीमतें जारी होंगी। तब तक भारतीय यूजर्स और टेक समुदाय को इंतजार ही करना होगा।


निष्कर्ष

स्टारलिंक की कीमतों को लेकर जो भी चर्चा पिछले 24 घंटों में हुई, वह सिर्फ एक तकनीकी गलती पर आधारित थी। कंपनी ने स्थिति को तुरंत स्पष्ट करते हुए कहा है कि भारत में लॉन्च की तैयारी अभी प्रगति पर है, लेकिन कीमतें अभी तय नहीं की गई हैं।

स्टारलिंक का भारत में आगमन इंटरनेट उद्योग में बड़ा बदलाव ला सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां स्थलीय इंटरनेट सेवाओं की पहुंच सीमित है। लेकिन वास्तविक तस्वीर तभी सामने आएगी जब आधिकारिक लॉन्च और मूल्य निर्धारण की घोषणा होगी।

2 thoughts on “Starlink ने कहा — भारत की “कीमत” सिर्फ एक गड़बड़ी थी: वेबसाइट पर दिखा था डमी डेटा”

Comments are closed.