📅 Published on: 8 अगस्त 2025
✍️ Written by: Prashant Pathak
📝 Edited by: Ram Pandey
सरकार का बड़ा कदम: उज्ज्वला योजना 3.0 के तहत गरीब महिलाओं को मिलेगा रसोई का स्वच्छ ईंधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 7 अगस्त 2025 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया। सरकार ने उज्ज्वला योजना के तीसरे चरण को आगे बढ़ाते हुए 75 लाख नए लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देने के लिए ₹12,060 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दी है। यह निर्णय विशेष रूप से गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस नई घोषणा के तहत अब उज्ज्वला योजना का दायरा और भी व्यापक हो जाएगा। योजना के अंतर्गत हर लाभार्थी महिला को मुफ्त गैस कनेक्शन, एक सिलेंडर और एक स्टोव प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही योजना को 2026-27 तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे कुल लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 10.35 करोड़ हो जाएगी।
यदि बात बजट विभाजन की करें तो, ₹12,060 करोड़ की मंजूरी में से लगभग ₹9,000 करोड़ सब्सिडी और संचालन व्यय के लिए निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त, गैस कंपनियों को प्रति लाभार्थी ₹1,600 रुपये की राशि दी जाएगी, जिससे कनेक्शन लागत कवर की जा सके। साथ ही पहले सिलेंडर और स्टोव की व्यवस्था भी मुफ्त में की जाएगी।
अब सवाल उठता है कि इस योजना का लाभ किन्हें मिलेगा? इसका उत्तर है – यह योजना मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़े वर्ग, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों, अंत्योदय योजना में शामिल लाभार्थियों, और वनवासी व चाय बागान मजदूरों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
अगर हम उज्ज्वला योजना के अब तक के सफर पर नजर डालें तो यह तीन चरणों में लागू हुई है।
- पहला चरण (2016) में 5 करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया।
- दूसरे चरण (2021) में 3.5 करोड़ और लाभार्थियों को जोड़ा गया, जिनमें प्रवासी महिलाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल किया गया।
- और अब, तीसरे चरण (2025) में 1.85 करोड़ महिलाओं को और जोड़ने का लक्ष्य है, जिसमें से इस फैसले के तहत 75 लाख नए कनेक्शन शामिल हैं।
इस योजना का सामाजिक और स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव पड़ा है। पहले जहां महिलाएं लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाती थीं, वहां अब एलपीजी गैस से खाना बनाना संभव हो पाया है। इससे रसोई में लगने वाला समय घटा है और महिलाओं को बच्चों की पढ़ाई व अन्य कार्यों में अधिक समय देने का अवसर मिला है। इसके अलावा, धुएं से होने वाली बीमारियों में कमी आई है और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिला है।
इस मौके पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा,
“प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना भारत की उन लाखों महिलाओं के जीवन में बदलाव लाई है जिन्हें पहले चूल्हे के धुएं से जूझना पड़ता था। अब नए 75 लाख कनेक्शन से हम इस बदलाव को और व्यापक बनाएंगे।”
यह निर्णय न केवल महिला सशक्तिकरण को मजबूती देता है, बल्कि महंगाई के इस दौर में गरीब परिवारों को राहत भी प्रदान करता है। साथ ही, यह प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास“ के विज़न को भी साकार करता है।