PM Modi की अध्यक्षता में बड़ा फैसला – C.P. Radhakrishnan बने NDA के Vice President Candidate

C.P. Radhakrishnan

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई संसदीय समिति (Parliamentary Committee) की बैठक में एनडीए (NDA) ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है। लंबे विचार-विमर्श और रणनीतिक चर्चा के बाद, समिति ने महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री सी.पी. राधाकृष्णन (Shri C.P. Radhakrishnan) को एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नामित करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया।

यह फैसला भारतीय राजनीति में एक अहम मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि सी.पी. राधाकृष्णन का राजनीतिक और सामाजिक जीवन दोनों ही बेहद सशक्त और प्रेरणादायी रहे हैं।


बैठक में क्या हुआ?

सूत्रों के अनुसार, बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा उपराष्ट्रपति पद के लिए सर्वसम्मत उम्मीदवार तय करना था।

काफी चर्चा के बाद, यह निर्णय लिया गया कि सी.पी. राधाकृष्णन सबसे उपयुक्त उम्मीदवार होंगे। उनका अनुभव, साफ छवि और संगठनात्मक पकड़ इस पद की गरिमा के अनुरूप मानी गई।


कौन हैं श्री सी.पी. राधाकृष्णन?

  • पूरा नाम: श्री सी.पी. राधाकृष्णन
  • जन्म तिथि: 20 अक्टूबर (वर्ष: 1957, कोयंबटूर, तमिलनाडु)
  • शिक्षा: कॉमर्स में स्नातक (B.Com), आगे चलकर व्यवसाय और समाज सेवा से जुड़े
  • वर्तमान पद: महाराष्ट्र के राज्यपाल (Governor of Maharashtra)
  • राजनीतिक दल: भारतीय जनता पार्टी (BJP)

राजनीतिक जीवन

सी.पी. राधाकृष्णन लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं।

  • वह 1998 और 1999 में लगातार दो बार कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए।
  • उन्होंने पार्टी संगठन में विभिन्न स्तरों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
  • वह तमिलनाडु में बीजेपी के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं और वहां पार्टी के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उनका राजनीतिक सफर हमेशा साफ-सुथरी छवि, ईमानदारी और जमीनी जुड़ाव के लिए जाना जाता है।


राज्यपाल के रूप में कार्यकाल

जुलाई 2021 में उन्हें त्रिपुरा का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उसके बाद वह महाराष्ट्र के राज्यपाल बने।

  • उनके कार्यकाल में उन्होंने शिक्षा, निवेश और उद्योगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
  • राज्यपाल रहते हुए उन्होंने कई सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की और आम जनता के साथ जुड़ाव बनाए रखा।

सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन

  • राजनीति के अलावा सी.पी. राधाकृष्णन सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे हैं।
  • वह शिक्षा, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स में लगातार काम करते रहे हैं।
  • उनका मानना है कि समाज का असली विकास तभी संभव है जब शिक्षा और स्वास्थ्य सभी तक समान रूप से पहुंचे।

उपराष्ट्रपति पद की दौड़

उपराष्ट्रपति का चुनाव भारतीय राजनीति में बेहद अहम होता है, क्योंकि उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति (Chairman of Rajya Sabha) भी होते हैं। ऐसे में इस पद पर एक अनुभवी और संतुलित व्यक्ति का होना आवश्यक माना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सी.पी. राधाकृष्णन का अनुभव, उनकी साफ छवि और विभिन्न राज्यों में काम करने का अनुभव उन्हें इस पद के लिए बेहद मजबूत उम्मीदवार बनाता है।


पीएम मोदी और बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद ट्वीट कर कहा –
“एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में श्री सी.पी. राधाकृष्णन के नाम की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। उन्होंने राजनीति और समाज सेवा दोनों क्षेत्रों में अनुकरणीय योगदान दिया है। मुझे विश्वास है कि उनके अनुभव से देश को बहुत लाभ होगा।”

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि राधाकृष्णन एक “ईमानदार और जनसेवी नेता” हैं, जो हर वर्ग के लोगों से जुड़े रहे हैं।


श्री सी.पी. राधाकृष्णन के बारे में कुछ खास बातें

  1. कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं।
  2. तमिलनाडु में बीजेपी के संगठन को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई।
  3. महाराष्ट्र और त्रिपुरा के राज्यपाल के रूप में सेवा की।
  4. शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में समाज सेवा से गहरा जुड़ाव।
  5. साफ-सुथरी छवि और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं।
  6. विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भी जुड़े रहे हैं।
  7. उनकी नेतृत्व शैली संवाद और सहयोग पर आधारित रही है।

निष्कर्ष

एनडीए द्वारा श्री सी.पी. राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित करना एक बड़ा राजनीतिक कदम है। उनका लंबा अनुभव, साफ छवि और सामाजिक जुड़ाव उन्हें इस पद के लिए बेहद उपयुक्त बनाता है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि विपक्ष इस फैसले पर क्या रुख अपनाता है और आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव में मुकाबला कितना दिलचस्प होता है।

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